अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. घटना सामने आने के बाद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी से लेकर विशेष जांच दल (SIT) के गठन, अभियोजन की व्यवस्था और परिवार की मांगों पर निर्णय लेने तक सरकार ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लिया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया था कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है. इसी क्रम में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए. घटना के सामने आने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की गई, ताकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. SIT जांच और अभियोजन को मजबूत करने पर जोर मामले की जांच के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत किए गए. अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले की पैरवी की. आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई. मामले में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. यह फैसला कोर्ट द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया गया. सरकार की ओर से इस मामले में कानून के अनुरूप कार्रवाई और अभियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. प्रकरण में जमानत संबंधी न्यायिक आदेशों ने भी अपनी भूमिका निभाई. परिजनों की भावनाओं और मांगों को दिया सम्मान अंकिता भंडारी मर्डर केस में प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार की भावनाओं और मांगों को भी महत्व
Source: ABP Uttar Pradesh
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