उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची पर सवाल उठाए है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में गड़बड़ियां कम होने के बजाय बढ़ गई हैं. पार्टी ने बस्ती की चार विधानसभा सीटों पर डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज होने और पीलीभीत में EPIC नंबर की ऑनलाइन जांच में दूसरे मतदाता की जानकारी आने का दावा किया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर के दौरान मतदाताओं की मदद करने वाले PDA प्रहरियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर को भी सभी PDA प्रहरी सक्रिय रहें और मतदाताओं की हरसंभव मदद करने को कहा है. अखिलेश ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथों पर सतर्क रहने, फर्जी वोटरों के नाम जुड़ने से रोकने और वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने में मदद करने की अपील की. इसके साथ ही पार्टी ने विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव में बीजेपी के पक्ष में मतदान कराने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है. इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है. अधिकारियों पर बीजेपी के पक्ष में मतदान का आरोप श्याम पाल के मुताबिक पार्टी ने कौशांबी में जिलाधिकारी और एसडीएम के जरिए पुलिस प्रशासन पर ग्राम प्रधानों, स्नातक और शिक्षक मतदाताओं को बीजेपी के पक्ष में मतदान के लिए प्रभावित करने का आरोप लगाया है. सपा ने बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से 21 अक्टूबर को विद्यालय प्रबंधकों की बैठक बुलाए जाने पर भी आपत्ति जताई है. पार्टी का कहना है कि 23 अक्टूबर को मतदान से ठीक दो दिन पहले शिक्षकों की पात्रता से जुड़े प्रमाणपत्रों के स
Source: ABP Uttar Pradesh
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