केंद्र सरकार ने IDBI बैंक में अपनी और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद बैंक के मालिकाना हक में बड़ा बदलाव होने वाला है. लेकिन इससे बैंक में खाता रखने वाले ग्राहकों का क्या होगा? क्या उन्हें खाता बंद करना होगा या फिर सारे पैसे निकाल लेना चाहिए? हालांकि, फिलहाल बैंक की तरफ से ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि ग्राहकों के खातों का क्या होगा. लेकिन बैंक का मालिकाना हक बदलने की वजह से ग्राहकों को थोड़ी परेशानी तो हो रही है. इसी बीच आइये जानते हैं कि अब ग्राहकों को क्या करना चाहिए और उनके पैसों का क्या होगा. सेविंग अकाउंट और FD का क्या होगा?IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिकने से ग्राहकों के सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अपने आप बंद नहीं होंगे. ग्राहकों को केवल बैंक का मालिक बदलने के कारण अपना पैसा निकालने की जरूरत नहीं है. बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने बताया कि, इस बदलाव के बाद भी जमाकर्ताओं और लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है. IDBI बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत काम करने वाला बैंक बना रहेगा. ग्राहक रखें इन बातों का ध्यानइस समय IDBI बैंक के सभी ग्राहकों को थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत हैं. उन्हें बैंक की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाकर रखना चाहिए और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज से सावधान रहना चाहिए. इसके अलावा लोन लेने वाले ग्राहक मौजूदा शर्तों के अनुसार EMI समय पर जमा करते रहें. तो वहीं सेविंग अकाउंट वाले ग्राहकों को फिलहाल अपना खाता बंद करने या जमा रकम निकालने की जरूरत नहीं है. बता दें कि 14 अक्टूब
Source: ABP Business
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