योगी सरकार प्रदेश की जेलों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक से लैस करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. इसके तहत कारागारों में बंदियों की निगरानी मजबूत करने से लेकर परिधीय सुरक्षा, प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और बंदियों के शैक्षिक विकास समेत कई स्तरों पर बदलाव किए जा रहे हैं. ऐसे में प्रदेश की जेलों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाकर 7,000 से अधिक कर दी गयी है. वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल से कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है. डीजी, कारागार एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने बताया कि योगी सरकार जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दे रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जा रहा है, ताकि बंदियों की निगरानी, न्यायालयों में पेशी और समयपूर्व रिहाई से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके. योगी सरकार में विंध्य त्रिकोण बना धार्मिक पर्यटन का केंद्र, 1.84 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे 'सीसीटीवी कैमरों का बढ़ाया गया दायरा' उन्होंने बताया कि प्रदेश की कारागारों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों का दायरा लगातार बढ़ाया गया है. जून 2025 में प्रदेश की जेलों में करीब 4,900 सीसीटीवी कैमरे थे. अब इनकी संख्या बढ़कर 7,000 से अधिक हो गई है. इससे जेलों के भीतर निगरानी व्यवस्था को पहले के मुकाबले अधिक व्यापक बनाया गया है. उन्होंने कहा कि इन सीसीटीवी कैमरों के जरिये बैरकों में बंदियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसक
Source: ABP Uttar Pradesh
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