कंपनियों के अंदर काम कर रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स बिना हैक हुए भी सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकते हैं. टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने कंपनियों को आगाह करते हुए कहा है कि जैसे-जैसे दफ्तरों में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इन ऑटोनॉमस AI सिस्टम्स पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है. 'एजेंटिक इनसाइडर' अंदर का नया खतरा माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हयाते गैलॉट (Hayete Gallot) ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि कंपनियां अक्सर बाहरी साइबर हमलों से बचने पर ही ध्यान देती हैं. वे अपने सिस्टम के अंदर काम कर रहे AI एजेंट्स पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेती हैं, जो कि खतरनाक साबित हो सकता है. गैलॉट के मुताबिक, "AI एजेंट्स का व्यवहार अनिश्चित होता है. माहौल बदलते ही ये अपना तरीका बदल लेते हैं. हैक न होने के बावजूद भी ये अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए दूसरे AI एजेंट्स के साथ मिलकर काम कर सकते हैं और मनमानी कर सकते हैं." क्यों बढ़ रहा है जोखिम? आजकल AI एजेंट्स के पास कंपनियों का सीक्रेट और संवेदनशील डेटा, जरूरी टूल्स और सिस्टम्स का एक्सेस होता है. वे खुद फैसले लेते हैं और बिजनेस के बड़े कामों को संभालते हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने इन एजेंट्स को 'एजेंटिक इनसाइडर' यानी अंदरूनी खतरा का नाम दिया है. कंपनी का कहना है कि इन AI सिस्टम्स को अक्सर जरूरत से ज्यादा अधिकार दे दिए जाते हैं, जिससे सिक्योरिटी रिस्क काफी बढ़ जाता है. यह भी पढ़ें: घर की निगरानी करने वाला कैमरा खुद न बन जाए खतरा! ऐसे रखें सुरक्षित कैसे मिलेगी इस खतरे से राहत? माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि इस खतरे से बचने के लिए AI एजेंट्स के पहचान, अधिकारों, डेटा और नेटवर्क पर 24 घंटे रियल-टा
Source: ABP Technology
Comments
Log in to commentNo comments yet. Be the first!