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सोलर की जगह विंड टरबाइन लगाना कितना सही, कितनी बनेगी बिजली?

सोलर की जगह विंड टरबाइन लगाना कितना सही, कितनी बनेगी बिजली?

आज के दौर में लोगों के घरों में बिजली की जरूरतें काफी बढ़ती जा रही हैं. लेकिन जहां बिजली की खपत बढ़ रही है तो वहीं बिजली का बिल भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में लोग बिजली बिल बचाने के तरीके खोज रहे हैं. इसमें सबसे पहले नंबर पर आता है सोलर पैनल लगाना. बड़े शहरों में कई लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे हुए नजर आते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय से Internet पर छोटे Rooftop Wind Turbine यानी घरेलू पवन चक्कियों के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. लोग दावा कर रहे हैं कि Solar सिर्फ दिन में धूप होने पर काम करता है. जबकि Wind Turbine तो रात के अंधेरे और आंधी-बारिश में भी 24 घंटे लगातार बिजली बना सकता है. ऐसे में कई लोग यह सोचने लगे हैं कि क्या छत से सोलर हटाकर Wind Turbine लगा लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा? क्या सच में घरेलू Turbine से घर के पंखे, फ्रिज और एसी चलाने लायक बिजली बन पाती है? जान लेें पूरी खबर. छत पर कितनी बिजली पैदा करता है Wind Turbine? अगर पुराने Records के आधार पर देखें तो 1 किलोवाट का Wind Turbine भी 1 किलोवाट के सोलर सिस्टम जितनी बिजली बना सकता है. लेकिन दोनों के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है. Solar Panel को सिर्फ सीधी धूप चाहिए जो भारत के ज्यादातर हिस्सों में साल के 300 दिन भरपूर मिलती है और यह रोज 4 से 5 यूनिट बिजली आसानी से Generate कर देता है. लेकिन वहीं एक छोटे Wind Turbine को घूमने और बिजली बनाने के लिए कम से कम 12 से 15 किमी प्रति घंटे की लगातार हवा की रफ्तार चाहिए होती है. शहरों में घनी आबादी और आसपास ऊंची-ऊंची इमारतें होने की वजह से छतों पर हवा की स्पीड थम जाती है और हवा में भारी भंवर यानी Turbulence बनने लगता है. जिससे Turbine

Source: ABP Technology

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