दीवाली का त्योहार आने वाला है. इससे पहले चीनी की कीमतें न बढ़े इसके लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं. हाल के दिनों में मिलों से निकलने वाली चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने मंगलवार को अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े (13-31 अक्टूबर) के लिए घरेलू चीनी मिलों को 14 लाख टन (1.4 मिलियन टन) चीनी का कोटा जारी किया है. पिछले 10 दिनों में मिलों से बिकने वाली (Ex-mill) चीनी की कीमतें करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक उछल गई हैं. ऐसे में दीवाली से पहले चीनी की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने और कीमतों को और बढ़ने से रोकने के लिए यह फैसला तय समय से दो दिन पहले ले लिया गया है. सरकार ने इससे पहले सितंबर के लिए 26.5 लाख टन और अक्टूबर के लिए 30 लाख टन चीनी का आवंटन किया था. दीवाली से पहले सप्लाई बढ़ाना जरूरी नवंबर के पहले सप्ताह में दीपावली (8 नवंबर) का त्योहार है, और इस दौरान हलवाइयों, मिठाई निर्माताओं और आम उपभोक्ताओं की तरफ से चीनी की मांग अपने चरम पर होती है। सरकार के नए नियमों के मुताबिक मिलों को आवंटित चीनी बेचने के बाद उसे 7 दिनों के भीतर सप्लाई के लिए रवाना करना होता है. दो दिन पहले यानी कि 13 अक्टूबर से ही कोटा लागू कर दिया गया है. इससे मिलों को व्यापारियों तक चीनी पहुंचाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है ताकि त्योहार के ठीक पहले बाजारों में चीनी की किल्लत न हो. किसे मिली कितनी चीनी? DFPD के आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को मिलाकर कुल 1.159 मिलियन टन चीनी मिली है. यह घरेलू चीनी मिलों को आवंटित 1.4 मिलियन टन का लगभग 83% है. महाराष्ट्र को 476,000 टन, उत्तर प्रदेश को 451,000 टन और कर्नाटक को 232,000 टन चीनी आवंटित की गई है. आवंटन में शामिल 587 मिलों मे
Source: ABP Business
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