दशहरे के दिन देशभर में रावण के पुतले का दहन किया जाता है. लेकिन अकोला जिले की पातुर तहसील के सांगोला गांव में तस्वीर बिल्कुल अलग है. यहां रावण का पुतला नहीं जलता, बल्कि दस सिरों वाले दशानन की पूजा होती है. गांव के लोग रावण को अपना ग्राम देवता और रक्षक मानते हैं.
Source: Aaj Tak
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