मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को तकनीक, संवेदनशीलता और समावेशन से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार की शिक्षा संबंधी प्राथमिकताओं में प्रत्येक बच्चे की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझना और उसे सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को सक्षम बनाना महत्वपूर्ण है. इसी क्रम में प्रशस्त 2.0 के माध्यम से शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने से संबंधित डिजिटल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अद्यतन प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 16,29,945 शिक्षकों में से 9,20,169 शिक्षक प्रशस्त 2.0 पर ऑनबोर्ड हो चुके थे. यह भी पढ़ें: UP: अखिलेश यादव का SIR में गड़बड़ी का आरोप, बोले- 'PDA प्रहरी इसे रोकें' वहीं, 8,15,309 शिक्षकों ने प्रशिक्षण से संबंधित सभी वीडियो देख लिए थे. यह पहल डिजिटल माध्यम से शिक्षकों की क्षमता विकसित करने और समावेशी शिक्षा की समझ को विद्यालयी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है. जनपदों में डिजिटल सहभागिता अद्यतन आंकड़ों के अनुसार रामपुर में 90.5 प्रतिशत, पीलीभीत में 88.7 प्रतिशत और लखीमपुर खीरी में 86.3 प्रतिशत शिक्षक प्रशस्त 2.0 पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं. इसी प्रकार, सभी प्रशिक्षण वीडियो देखने वाले शिक्षकों का प्रतिशत रामपुर में 88.3, पीलीभीत में 84.6 और लखीमपुर खीरी में 82.5 प्रतिशत दर्ज है. डिजिटल प्रशिक्षण से सशक्त हो रहे शिक्षक शिक्षकों को एप और प्रशिक्षण वीडियो के माध्यम से समावेशी शिक्षा से संबंधित जानकारी दी जा रही है. आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल शिक्षकों में से 56.5 प्रतिशत शिक्षक पोर्टल पर ऑनबोर्ड हो चुके थे, ज
Source: ABP Uttar Pradesh
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