यूपी के फतेहपुर स्थित विकास भवन में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर अपने ऊपर डीजल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया. पीड़ित ने आरोप लगाया कि गाज़ीपुर क्षेत्र में नजूल की ज़मीन पर ग्राम प्रधान ने सरकारी धन से एक दर्जन से ज्यादा दुकानों का निर्माण कराकर अनियमितता की है. लेकिन, अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई. ख़बर के मुताबिक़ गुरुवार को एक शिकायतकर्ता अजय उर्फ जब्बार विकास भवन पहुंचा, जहां उसने ख़ुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसके बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और लोगों ने उसे किसी तरह बचाया और समझाने की कोशिश की. जिसके बाद पीड़ित को किसी तरह शांत किया गया. उत्तराखंड: मंत्री रेखा आर्या ने पति पर लगाए मारपीट, हत्या की साज़िश के आरोप, FIR दर्ज सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप शिकायतकर्ता अजय ने आरोप लगाया कि गाज़ीपुर क्षेत्र में ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह पर सरकारी धन के दुरुपयोग और करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताएं. उन्होंने कहा कि आरोपी ने नजूल की ज़मीन पर सरकारी पैसे से दर्जनों दुकानें बनवा ली है. आरोप है कि मामले की जांच होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. पीड़ित ने जांच अधिकारी की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि तीन साल से मामले की लीपापोती पर लगाकर सिर्फ आश्वासन दे रहे है. उन्होंने कहा कि वो बीते तीन साल में कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने डीपीआरओ पर पांच लाख लेकर मामले की लीपापोती का आरोप लगाया. वहीं दूसरी तरफ जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने तमाम आरोपों को
Source: ABP Uttar Pradesh
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