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नीला ड्रम केस: फांसी की सजा सुन साहिल-मुस्कान बेचैन! जेल में कैसी बीती पहली रात?

नीला ड्रम केस: फांसी की सजा सुन साहिल-मुस्कान बेचैन! जेल में कैसी बीती पहली रात?

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद दोषी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने स्थानीय अदालत के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की इच्छा जाहिर की है. जेल प्रशासन ने गुरुवार (15 अक्टूबर) को यह जानकारी दी. जेल प्रशासन ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद दोनों की पहली रात बेचैनी में गुजरी और उन्होंने रात का खाना भी नहीं खाया. उसने बताया कि दोनों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श देने की व्यवस्था की गई है. जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक डॉक्टर वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अदालत का फैसला सुनने के बाद साहिल और मुस्कान भावुक होकर रोने लगे थे, जिन्हें समझाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि दोनों को कैदी नंबर भी आवंटित कर दिए गए हैं, जिनमें साहिल का कैदी नंबर 395/2026 और मुस्कान का 396/2026 है. मुस्कान और साहिल की सरकारी वकील ने क्या कहा? शर्मा ने बताया कि दोनों ने हाई कोर्ट में अपील करने की इच्छा जताई है और अगले दो-तीन दिनों में वे जेल प्रशासन को बताएंगे कि अपील निजी वकील के माध्यम से करेंगे या जेल प्रशासन की ओर से पैरवी की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर उनके परिजन या निजी वकील अपील नहीं करते हैं, तो जेल प्रशासन 30 दिन के भीतर हाई कोर्ट में अपील करेगा. मुस्कान और साहिल की सरकारी वकील रेखा जैन ने बताया कि जेल बंदियों के मामलों में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नियुक्त एडवोकेट पैरवी करते हैं. साहिल ने खेती और मुस्कान ने चुना सिलाई का काम उन्होंने कहा कि अदालत ने अभी सजा सुनाई है और इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जाएगी. जैन ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट में एक समिति मामले का संज्ञान लेगी. 

Source: ABP Uttar Pradesh

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