केंद्र सरकार ने कारोबारी साल 2025-26 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिनों का 'नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड' (एड-हॉक) बोनस देने की मंजूरी दी है. इसका कैलकुलेशन 7,000 की मासिक वेतन सीमा (सीलिंग) के आधार पर किया जाता है. इसका मतलब यह है कि यदि किसी कर्मचारी का औसत मासिक वेतन इस सीमा के बराबर या उससे अधिक है, तो उसे 30 दिनों के लिए अधिकतम 6,908 का बोनस मिलेगा. वहीं, जिन कर्मचारियों का औसत मासिक वेतन इस सीमा से कम है, उन्हें मिलने वाली बोनस राशि भी कम होगी. वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'व्यय विभाग' (Department of Expenditure) ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम में इस बोनस के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी की जानकारी दी. यह मंजूरी 'ग्रुप C' के कर्मचारियों और 'ग्रुप B' के उन नॉन-गजेटेड कर्मचारियों पर लागू होती है, जो किसी 'प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस' योजना के दायरे में नहीं आते हैं. किन्हें मिलेगा फायदा? सबसे पहले तो बता दें कि सरकार ने अपने कर्मचारियों को अलग-अलग रैंक के हिसाब से ग्रुप A, B, C, D में बांटा है. ग्रुप C में आमतौर पर क्लर्क, हेड क्लर्क, टाइपिस्ट, असिस्टेंट और मल्टी-टास्किंग स्टाफ आते हैं, जिन्हें यह बोनस 100% मिलेगा. वहीं, ग्रुप B में कर्मचारियों को दो हिस्सों में बांटा गया है. एक Gazetted, जिनके पास सर्टिफाइड या साइन करने का पावर होता है और दूसरे जिनके पास यह पावर नहीं है. सरकार ने जिस बोनस का ऐलान किया है वह केवल नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को मिलेगा, जिनमें सीनियर असिस्टेंट या सुपरवाइजर आएंगे. ग्रुप A और ग्रुप B के बड़े गजेटेड अधिकारियों को यह बोनस नहीं मिलेगा. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मी भी इसमें शामिल हैं. यह आदेश केंद्र शा
Source: ABP Business
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