अंकिता भंडारी के माता सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता की. इस दौरान अंकिता की मां भावुक हो गईं और बीच प्रेस वार्ता ही बिलख कर रोने लगीं. भावुक सोनी देवी ने इस दौरान कहा कि आप ही लोग बताएं हम न्याय के लिए कहां जाएं. हमेशा मुझे मेरी बेटी दिखाई देती है. मैं कैसे जीती हूं, मुझे खुद पता है. मुझे कहीं से न्याय नहीं मिल रहा तो मैं यहां आई हूं. आप ही बताइए, हम कहां जाएं. आखिर मेरी बेटी का क्या कसूर था. अगर मेरा कोई कसूर था तो मुझे सजा देते. वहीं अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि वह दिल्ली में अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने चैट में वीआईपी के बारे में बताया था, लेकिन एसआईटी ने एक साल की चैट हटा दी. आरोपी के फोन को भी रिकवर नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दावा किया था कि अंकिता के भाई और पिता को सरकारी नौकरी दी गई है. जब उन्होंने पूछा कि किस विभाग में नौकरी दी गई है, तो मुख्यमंत्री ने अपना ट्वीट हटा दिया. अंकिता के पिता ने कहा कि उर्मिला सांवर ने अपने बयान में दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी का वीआईपी बताया है. उन्होंने मांग की कि इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व जज की निगरानी में कराई जाए. उत्तराखंड से और कौन आया है? अंकिता भंडारी के परिवार ने कहा कि फिलहाल उत्तराखंड से वे ही लोग दिल्ली आए हैं. उन्होंने कहा कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी का उन्हें पूरा समर्थन है. परिवार ने सवाल उठाया कि अब तक पुलकित आर्य की कॉल डिटेल्स क्यों नहीं दी गई हैं? वहीं इससे पहले महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने कहा कि केस दर्ज
Source: ABP Uttar Pradesh
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