भारत सरकार देश में बढ़ती हुई महंगाई को कम करने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है. लेकिन खाने- पीने की चीजों के दामों में इतनी तेजी से इजाफा हो रहा है कि आम जनता परेशान है. अधिकतर घरों में रोज बनने वाली दाल की कीमतों में भी भारी इजाफा हो रहा है. जिसको कंट्रोल करने के लिए सरकार दाल की आयात ड्यूटी में कटौती कर सकती है. हालांकि इस पर फिलहाल सरकार ने कुछ भी बयान नहीं दिया है ना ही कोई घोषणा की है. दालों की सप्लाई बढ़ाने और उनकी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कुछ दालों के आयात पर लगने वाला टैक्स कम करने पर विचार जरूर किया जा रहा है. किन दालों पर घट सकता है आयात शुल्क?सरकार अगर आयात शुल्क घटाती है तो इसका फायदा मसूर दाल और पीली मटर को मिल सकता है. हालांकि, चना को इस छूट से बाहर रखा जा सकता है. फिलहाल भारत में मसूर और चने के आयात पर 10% टैक्स, जबकि पीली मटर पर 30% आयात शुल्क लगता है. वहीं, अरहर और उड़द के आयात को मार्च 2027 तक शुल्क फ्री किया गया है. क्यों जरूरी है ये फैसला?इस फैसले की जरूरत इसलिए महसूस हो रही है क्योंकि इस साल मानसून सामान्य नहीं रहा है और इससे देश में दालों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है. दालों की खेती का बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर रहता है. इस साल जून से सितंबर के बीच देश के प्रमुख दाल उत्पादक राज्यों में सामान्य से 30% तक कम बारिश हुई है. इससे दालों का उत्पादन काफी कम हुआ होगा. त्योहारों में बढ़ी मांगभारत में त्योहारों के मौसम में दालों की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है. खासकर चने की ज्यादा मांग रहती है, क्योंकि घरों के साथ-साथ मिल और खाद्य कंपनियां भी पहले से स्टॉक जमा करती हैं. देश में खाने- पीने की चीजों की महंगाई भी बढ़ रही है. अगस्त में ये 5.95% रही. दालों मे
Source: ABP Business
Comments
Log in to commentNo comments yet. Be the first!