पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और पार्टी नेता सागरिका घोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. वहीं, चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य के 24 जिला चुनाव अधिकारियों (DEO) ने ऐसे पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिनके नाम छूट गए हो सकते हैं. यह अभियान ऐसे समय शुरू हुआ है, जब SIR के बाद बड़ी संख्या में अपीलें लंबित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. TMC नेता महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल पर निशाना साधा. उन्होंने दोनों पर मतदाताओं के अधिकारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बंगाल में 'वोट चोर' ज्ञानेश और उनके साथी 'वोट चोर' मनोज अग्रवाल अब अपने कारनामों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. गद्दारों, तुम बचोगे नहीं - तुम्हारा रिटायरमेंट तिहाड़ जेल में होगा. Vote Chor Gyanesh and his Vote Chor Manoj Agarwal in Bengal trying to cover their tracks now. Bachoge nahi Traitors- your retirement will be in Tihar. https://t.co/xi2Xh1bmrL — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) October 13, 2026 सागरिका घोष ने भी चुनाव आयोग को घेरा TMC नेता सागरिका घोष ने भी X पर चुनाव आयोग की आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म होने और BJP के सत्ता में आने के बाद आयोग ने पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. घोष ने इसे चुनाव आयोग की वर्किंग सिस्टम पर सवाल उठाने वाला मामला बताया और 2026 के वि
Source: ABP India
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