नवरात्र के पावन दिनों में जब घर-घर शक्ति स्वरूपा देवी की आराधना हो रही है, तब झांसी की एक मां समाज को नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण दिखा रही हैं. बेटे की एक परेशानी को उन्होंने सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि उसे समाधान और फिर कारोबार की शक्ल दे दी. यह कहानी है अनुराधा मेहरोत्रा की, जो आज स्टार्टअप 'हॉस्टल्स नियर मी' की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हैं. इस स्टार्टअप को योगी सरकार की 'स्टार्ट इन यूपी' पहल के तहत 10 लाख की ग्रांट भी स्वीकृत हुई है. यह भी पढ़ें: अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI की जांच तेज, पूर्व बीजेपी MLA से घंटों पूछताछ एक परेशानी, जो बन गई प्रेरणा कहानी की शुरुआत बेहद आम-सी समस्या से हुई. कॉलेज की पढ़ाई के दौरान बेटे आर्यमन को रहने के लिए हॉस्टल तलाशने में खासी दिक्कत आई. यह हर साल हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की भी परेशानी है. अनजान शहर, सीमित जानकारी और भरोसेमंद विकल्पों की कमी, इन सबके बीच सही ठिकाना तलाशना आसान नहीं होता. आर्यमन ने अपनी इस परेशानी और उसके समाधान का आइडिया मां अनुराधा के साथ साझा किया. यहीं मां ने वह भूमिका निभाई, जो हर बेटे को चाहिए. उन्होंने न आइडिया को हल्के में लिया और न बेटे के उत्साह को. मां-बेटे ने मिलकर इसे हकीकत में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया. यही विचार आगे चलकर 'हॉस्टल्स नियर मी' के रूप में सामने आया. मां ने संभाली कमान, बनीं सीओओ अनुराधा केवल प्रेरणा देने तक सीमित नहीं रहीं. उन्होंने स्टार्टअप में मुख्य परिचालन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली और इसके संचालन व विकास में सक्रिय भूमिका निभाई. वह कहती हैं कि कॉलेज के दिनों में बेटे ने जो समस्या बताई, उसी से इस विचार का जन्म हुआ.आज वह एक तरफ बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही
Source: ABP Uttar Pradesh
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