दुनिया में भले ही खूब तरक्की हो गई हो तरह-तरह की टेक्नालाॅजी आ गई हो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने तहलका मचा दिया हो. इन सब के बावजूद हमारे देश में आज भी कई छोटे शहर ऐसे हैं जहां पूरे 24 घंटे बिजली नहीं मिलती. इसके अलावा बड़े शहरों में भी अलग-अलग वजहों से लंबा पावर कट लग जाता है. ऐसे में कई बार लोगों के जरूरी काम अटक जाते हैं. कुछ लोग तो इन्वर्टर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन गर्मियों में जब एसी चलानी हो तो फिर किसी जनरेटर ज्यादा सही होता है. क्या आपने कभी सोचा है कि डीजल से चलने वाली यह मशीन बिजली कैसे बनाती है? आम तौर पर लोग यही समझते हैं कि जनरेटर अपने अंदर से बिजली पैदा करता है. जबकि इसके काम करने का तरीका थोड़ा अलग है. चलिए आपको बताते हैं जनरेटर कैसे बनाता है बिजली और एक जनरेटर पर आप कितने एसी चला सकते हैं. जनरेटर से कैसे बनती है बिजली? जनरेटर से बिजली बनाने को लेकर अगर आपके मन में सवाल आता है तो पहले जान लें इसके पीछे कौनसा साइंस काम करता है. साइंस के नियम के मुताबिक जनरेटर असल में मैकेनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलने का काम करता है. इसके अंदर दो बड़े हिस्से होते हैं पहला इंजन और दूसरा अल्टरनेटर. जब आप जनरेटर में डीजल, डालकर उसे स्टार्ट करते हैं तो उसका इंजन ठीक कार या बाइक के इंजन की तरह काम करना शुरू करता है. यह इंजन ईंधन जलाकर ताकत पैदा करता है और अपने से जुड़े अल्टरनेटर के रोटर को बहुत तेज रफ्तार से घुमाता है. अल्टरनेटर के अंदर तांबे की तारों की बाइंडिंग और एक पाॅवरफुल मैग्नेटिक फील्ड होता है. जब इंजन की ताकत से यह मैग्नेट तारों के बीच तेजी से घूमता है तो वहां इलेक्ट्रॉन्स का बहाव शुरू हो जाता है. बस इसी बहाव को हम बिजली कहते हैं जो केबल क
Source: ABP Technology
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