भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ की उस रिपोर्ट को सख्ती से खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि भारतीय युवाओं को बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है. भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संगठन बनाने का अधिकार देता है.
Source: Aaj Tak
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