कई बार अपनी पहचान छुपाकर बहुत से लोग काॅल पर लोगों के साथ फ्राॅड करते हैं तो कई बार ब्लैकमेल करते हैं. काॅलर की पहचान जानने के लिए अब तक लोग ट्रूकॉलर जैसे ऐप्स का सहारा लेते थे. जहां कोई भी अपना नाम बदलकर कुछ भी लिख लेता था. लेकिन 1 नवंबर से टेलीकॉम की दुनिया में एक बड़ा नियम लागू होने जा रहा है. सरकार और टेलीकॉम कंपनियां अब कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP सुविधा शुरू कर रही हैं. इसके लागू होते ही जब आप किसी को कॉल करेंगे. तो सामने वाले की स्क्रीन पर आपका वही असली नाम दिखेगा जो सिम लेते समय KYC फॉर्म में दर्ज किया गया था. स्पैम और फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए यह कदम काफी कारगर है. लेकिन इससे कई लोगों और कारोबारियों के मन में प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. कई प्रोफेशनल्स और कंपनियां नहीं चाहतीं कि कॉल करने पर सिम धारक का नाम हर किसी को दिखे. कैसे आप काॅल पर अपना नाम छुपा सकते हैं जान लीजिए क्या रहेगा इसका प्रोसेस. किन लोगों और कंपनियों को मिलेगी नाम न दिखाने की छूट? CNAP नियम को लागू करते समय सरकार और TRA ने सभी पहलुओ का ध्यान रखा है. इसलिए इसमें कुछ लोगों और कंपनियों को छूट भी दी गई है. इसमें उन कंपनियों, स्टार्टअप्स और बिजनेस घरानों को दी गई है जो अपने कर्मचारियों के लिए बल्क कनेक्शन लेते हैं. अक्सर कंपनियों में SIM कार्ड किसी एक अधिकारी या मालिक के नाम पर जारी होते हैं. जिन्हें अलग-अलग कर्मचारी इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हर कॉल पर सिम मालिक का नाम दिखना सही नहीं है. इसलिए कॉरपोरेट और बिजनेस कनेक्शन लेने वाली कंपनियों को KYC वाला नाम न दिखाने की छूट मिलेगी. इसके अलावा आम यूजर्स की कैटेगरी में उन खास लोगों को यह छूट मिलेगी जिनके पास CLIR यानी कॉलिंग
Source: ABP Technology
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