दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर CCTV कैमरे चर्चा में हैं. सड़कों पर लगे CCTV कैमरे अब सिर्फ आने-जाने वाले लोगों की रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं रह गए हैं. नई टेक्नोलॉजी की मदद से कुछ कैमरे चेहरों की पहचान करने और गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ने में भी सक्षम हैं. इसी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए दिल्ली पुलिस सेंट्रल और नई दिल्ली के इलाकों में 338 CCTV कैमरे लगाने की योजना पर काम कर रही है. करीब 15.7 करोड़ रुपये के इस टेंडर में फिक्स्ड कैमरों के साथ फेस रिकॉग्निशन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) तकनीक वाले कैमरे भी शामिल हैं. ऐसे में कई लोग सवाल उठ कर है कि आखिर ये कैमरे सामान्य CCTV से कैसे अलग होते हैं, इनमें कौन-से फीचर्स मिलते हैं और इन्हें लगाने में कितना खर्च आता है. तो आइए जानते हैं कि फेसियल रिकॉग्निशन कैमरा कितने का आता है और इसमें क्या-क्या फीचर्स होते हैं. दिल्ली पुलिस के कैमरों में क्या होगा खास? दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव में 248 फिक्स्ड कैमरे, 43 PTZ कैमरे और 47 ANPR कैमरे शामिल हैं. इस प्रोजेक्ट के तहत वीडियो मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, डेटा स्टोरेज और संबंधित सिस्टम भी पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा होंगे. कैमरे रामलीला मैदान के VVIP गेट, तुर्कमान गेट, दिल्ली गेट, राजघाट, इंडिया गेट के C-Hexagon, मंडी हाउस और पटियाला हाउस कोर्ट जैसी जगहों पर लगाए जाने प्रस्तावित हैं. कितने रुपये का आता है फेस रिकॉग्निशन कैमरा? फेस रिकॉग्निशन कैमरे की कीमत उसके फीचर्स, पहचानने की क्षमता और सुरक्षा तकनीक पर निर्भर करती है. भारत में सामान्य फेस रिकॉग्निशन डिवाइस की कीमत लगभग 7,000 से 20,000 रुपये तक हो सकती है. वहीं AI और लाइवनेस डिटेक्शन वाल
Source: ABP Technology
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