उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद सार्वजनिक तौर पर और बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार को उनके पति गिरधारी लाल द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों का रेखा आर्या ने जवाब दिया हैं. उन्होंने कहा कि वो 2003 से सार्वजनिक जीवन में है और तब से अब तक वो कई बार नामांकन के वक्त अपनी संपत्ति की जानकारी दे चुकी हैं. देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती रेखा आर्या ने शनिवार को मीडिया से बात की और अपनी तहरीर से लेकर पति द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों का जवाब दिया. मंत्री ने कहा कि इस वीडियो में आपने जो बातें सुनी उनमें वो अपनी तहरीर की वापसी की बात कह रहे हैं. सब बातों का जो निष्कर्ष है, वो एक मीठी धमकी है, एक ऐसी धमकी है जिसमें तहरीर वापसी के साथ ये तय होना है कि भ्रष्टाचार हुआ या नहीं. गरबा पंडालों के बाहर लगे 'लव जिहाद से सावधान' के पोस्टर, हिन्दू युवतियों से की अपील पति के लगाए आरोपों पर दिया जवाब रेखा आर्या ने कहा कि साल 2003 में मैं निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य बनी. वहां से मेरे सियासी करियर की शुरुआत हुई. 2004 में शादी के बाद भी मैंने निर्दलीय चुनाव लड़ा. मैं राजनीति के बेसिक अनुभव से राज्य स्तरीय अनुभव हुआ. हर व्यक्ति को नामांकन के समय अपनी संपत्तियों का खुलासा करना पड़ता है. मेरी संपत्तियों का सारा विवरण 2003 से हुए सभी चुनाव में हैं. मेरी संपत्तियों का विवरण सब कुछ सबके सामने हैं. अगर फिर भी कोई संतुष्ट नहीं है तो वो जाँच करा सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि जब उनका विवाह हुआ था उस वक्त उन्हें नहीं पता था कि वो शादीशुदा हैं. विवाह और बच्चे होने के बाद उन्हें पता चला. रेखा आर्या ने कहा कि लेकिन, पारिवारिक रिश्तों और आपसी
Source: ABP Uttar Pradesh
Comments
Log in to commentNo comments yet. Be the first!