आजकल हर छोटी-बड़ी चीज स्मार्ट होती जा रही है. यहां तक कि सुबह-सुबह दांत साफ करने का तरीका भी. अब लोग पुराने तरीकों से दांत साफ नहीं करते हैं बल्कि आजकल इलेक्ट्रिक टूथब्रश का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है. बहुत से लोग अपने पुराने नॉर्मल ब्रश को छोड़कर इस बैटरी वाले ब्रश पर शिफ्ट हो रहे हैं. लेकिन आज भी एक बहुत बड़ा तबका ऐसा है जो इसे खरीदने से हिचकिचाता है. लोगों के मन में सबसे बड़ा डर यही रहता है कि मोटर से इतनी तेजी से घूमने वाला यह ब्रश कहीं हमारे दांतों की ऊपरी परत को घिस तो नहीं देगा. कुछ लोगों को यह भी लगता है कि इसके वाइब्रेशन से मसूड़े छिल जाएंगे और दांत कमजोर होकर हिलने लगेंगे. अगर आपके मन में भी इलेक्ट्रिक टूथब्रश को लेकर यही सारे सवाल घूम रहे हैं तो जान लें कि क्या वाकई इससे दांतों को कोई खतरा रहता है आखिर कैसे करता है यह काम. कैसे काम करता है इलेक्ट्रिक टूथब्रश? इलेक्ट्रिक टूथब्रश के काम करने का तरीका बेहद आसान होता है. इसके हैंडल के अंदर एक छोटी सी रिचार्जेबल बैटरी और मोटर लगी होती है जो ऊपर लगे ब्रिसल्स को तेजी से घुमाती और वाइब्रेट कराती है. बाजार में मुदो तरह के इलेक्ट्रिक ब्रश मिलते हैं. पहले वो जिनका गोल हेड दाएं-बाएं घूमता है और दूसरे सोनिक ब्रश जो हाई-स्पीड वाइब्रेशन के जरिए दांतों की सफाई करते हैं. जब हम हाथ वाले नार्मल ब्रश से दांत साफ करते हैं. तो एक मिनट में मुश्किल से 200 से 300 बार ही ब्रश को घिस पाते हैं. वहीं एक इलेक्ट्रिक टूथब्रश एक मिनट के अंदर हजारों बार मूवमेंट करता है. इसमें आपको अपने हाथ से ताकत लगाकर रगड़ने की जरूरत नहीं पड़ती. आपको बस ब्रश ऑन करके उसे एक दांत से दूसरे दांत पर हल्के हाथ से ले जाना होता है और यह कोनों में जमे प्लाक क
Source: ABP Technology
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