पश्चिम बंगाल के नॉर्थ कोलकाता स्थित चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 25 लोग घायल हुए हैं. सभी का इलाज जारी है. पीएम मोदी से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने शोक जताया है. साथ ही प्रभावित परिवार और लोगों के लिए मुआवजा राशि का ऐलान किया है. वहीं, इस मामले में रविवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लेकर स्थानीय अदालत में पेश किया, जिन्हें 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. जिन लोगों को जेल भेजा गया है, उन्हें समिति के सचिव राजकुमार सेवदा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, बिप्लब मुखर्जी, कौशिक साहा, पिंटू डे, सुमन चक्रवर्ती, राजेश पाल शामिल हैं. वीआईपी गेट रखने पर बैन लगा सकती है सरकार इधर, घटना को लेकर गंभीर नजर आ रहे, राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि सरकार दुर्गा पूजा पंडालों में वीआईपी गेट को रखने की परंपरा को खत्म करने का आदेश दे सकती है. कई लोगों की जान चली गई. ऐसे में एंट्री गेट की जरूरत पर जोर देना जरूरी है. खासकर उन जगह पर जो काफी लोकप्रिय हैं और उनका बजट बड़ा है. इस तरह के पंडाल ही वीआईपी पंडाल को विशेष सुविधा देतै हं. इससे वह भीड़ से बच सके. इनके टिकट ज्यादा कीमत पर बेचे जाते हैं. सिक्योरिटी रिव्यू कमिटी ने किया पूजा स्थलों का दौरा न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की सिक्योरिटी रिव्यू के लिए बनाई हाई लेवल कमिटी ने कोलकाता में कई सामुदायिक पूजा स्थलों का निरीक्षण किया है. भगदड़ के बाद इस कमिटी का गठन राज्य के मुख्यमंत्री ने किया था. इस समिति में आपदा प्रबंधन के सचिव राज
Source: ABP India
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