रावण दहन के लिए प्रदोष काल को शुभ माना जाता है. इस दौरान सूर्यास्त के आस-पास भगवान राम की विजय का उत्सव मनाया जाता है और रावण के पुतले का दहन किया जाता है. पंचांग के अनुसार, 20 अक्टूबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 47 से लेकर रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहने वाला है. रावण दहन के लिए इस अबूझ मुहूर्त को श्रेष्ठ माना गया है.
Source: Aaj Tak
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