देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही इजाफा देखने को मिल सकता है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि यह दावा एक्सपर्ट्स का है. गुरुवार को ब्लूमबर्ग ने ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के हवाले से बताया कि सरकार नवंबर के महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों फ्यूल रेट में बढ़ोतरी का दावा किया जा रहा है. चुनाव प्रचार से पहले आखिरी मौका ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की लीड इकोनॉमिस्ट एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने एक नोट में लिखा है, ''हम मानते हैं कि नवंबर में कीमतों में बढ़ोतरी का एक आखिरी व्यवहारिक मौका हो सकता है. इसके बाद अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार तेज हो जाएगा.'' बता दें कि साल 2027 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड सहित देश के कई प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके चलते जोर-शोर से चुनावी अभियान तेज हो जाएगा. अमूमन सरकारें किसी राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए चुनाव से पहले कीमतें बढ़ा देती हैं. कितनी बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? अमेरिका और ईरान में जंग और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. इससे देश की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को को नुकसान हो रहा है. इन्हें पेट्रोल पर करीब 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 9 रुपये प्रति लीटर के दर से नुकसान हो रहा है. ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा और कोई चारा नहीं है. हालांकि, ऐसा नहीं है कि एक बार में कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाएंगी. रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में होने वाली यह बढ़ोतरी इस साल मई में हुई 7.5% की कुल बढ़ोतरी के मुकाबले करीब आधी
Source: ABP Business
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